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इस तरह पेश किया जाता है बजट, भाषण के अलावा ये बातें होती हैं खास

Posted On: 30 Jan, 2018 Politics में

Shilpi Singh

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बजट साल 2018 जल्द ही पेश होने वाला है सरकार पर आम से लेकर खास सभी की निगाहें ठहरी हुई है। ऐसे में टैक्स, रोजगार,किसान, जीएसटी समेत कई अहम मुद्दों पर सरकार इस बार अपना आखिरी बजट पेश करेगी। लेकिन क्या आपको पता है कि बजट पेश करने के दौरान वित्त मंक्षी के कई सारे महत्वपूर्ण दस्तावेज सदन को सौपंने होते हैं, तो चलिए जानते हैं आखिर क्या होते हैं वो महत्वपूर्ण दस्तावेज।


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वार्षिक वित्तीय विवरण

वार्षिक वित्तीय विवरण अनुच्छेद 112 पर आधारित एक दस्ता वेज है, जिसमें साल आगामी साल के अनुमानों और पिछले साल के वास्तविक खर्चे के बारे में बताया जाता है। यह सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है।



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कार्य योजना विवरण

राजकोषीय नीति कार्ययोजना विवरण संसद में पेश किया जाता है। इसमें मौजूदा वित्तीय साल के लिए टैक, खर्चा, उधार लेने और निवेश करने आदि सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं की रूपरेखा दी जाती है।



Narendra Modi



डिमांड ऑन ग्रांट

इसका अनुच्छेद 113 में उल्लेख है और इसमें वार्षिक वित्तीय विवरण में लिखे गए संचित निधि से किए जाने वाले खर्चों के बारे में अनुदान मांगों के रूप में दर्ज किया जाता है। यह लोकसभा में प्रस्तुत किया जाता है।



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विनियोग विधेयक

संविधान के अनुच्छेद 114(3) के अंतर्गत संसद की ओर से कोई भी कानून बनाए बिना संचित निधि से पैसे नहीं निकाले जा सकते। लोकसभा से मंजूरी मिलने के बाद स्वीकृत राशियों को निकालने की संसद की स्वीकृति विनियोग विधेयक के माध्यम से मांगी जाती है।




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वित्त विधेयक

वार्षिक वित्तीय विवरण प्रस्तुत करते समय वित्त विधेयक भी प्रस्तुत किया जाता है। इसमें बजट में प्रस्तावित कर लगाने, हटाने, माफ करने, विनियमन का ब्यौरा होता है।  इसमें बजट संबंधी अन्य उपबंध भी होते हैं, जिन्हें धन विधेयक के रुप में वर्गीकृत किया जा सकता है। इस धन विधेयक कहा जाता है।



Narendra Modi





बजट की विशेषताओं का विवरण

इस बजट में बजट को लेकर कई जानकारी लिखी होती है और यह हर क्षेत्र के अनुसार जारी की जाती है। इसके लिए कई व्याख्तात्मक दस्तावेज पेश किए जाते हैं, इसमें व्यय की रुपरेखा, व्यय बजट, प्राप्ति बजट आदि होते हैं।



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मध्याविक राजकोषीय नीतीगत कार्य योजना विवरण

इसमें जीडीपी के संबंध में बाजार मूल्यों पर पांच विशेष राजकोषीय संकेतकों जैसे घाटा, कर अनुपात आदि के बारे में लिखा होता है।…Next




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