blogid : 321 postid : 1375965

जहां जाने से बचते रहे कई दिग्गज, उस शहर में जाकर योगी तोड़ेंगे 29 सालों का 'अंधविश्वास'

Posted On: 21 Dec, 2017 Politics में

Shilpi Singh

  • SocialTwist Tell-a-Friend

देश की राजधानी दिल्ली से सटा नोएडा शहर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को डराता रहा है। 29 सालों से सूबे के ज्यादातर सीएम इस औद्योगिक शहर में कदम रखने से बचते रहे हैं। अंधविश्वास है कि यहां जो सीएम आता है, वह अपनी कुर्सी से हाथ धो बैठता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डर को मात देने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ दोनों नोएडा आ रहे हैं। अब देखना होगा कि क्या यह अंधविश्वास महज एक भ्रम रह जाता है या सच साबित होगा।


cover

29 साल पुराने अंधविश्वास को तोड़ेंगे योगी

ऐसे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डर को मात देने का फैसला किया है। आने वाले 25 दिसंबर को वह गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा शहर में आएंगे और 29 साल पुराने अंधविश्वास को तोड़ेंगे। हालांकि, वह इस अंधविश्वास का सामना करने वाले पहले सीएम नहीं हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती उनसे पहले इस शहर में आ चुकी हैं, जिसके बाद वह अपनी सीएम की कुर्सी गंवा बैठी थीं।


yogi-adityanath


25 तारीख को आएंगे सीएम योगी

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन ने इस बारे में कहा, ‘सीएम योगी अंधविश्वास में यकीन नहीं रखते हैं’। 25 तारीख को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन है। इसी मौके पर दिल्ली मेट्रो की नई लाइन (मैजेंटा) की शुरुआत होनी है। यह रूट दिल्ली से सीधे नोएडा को जोड़ेगा। यहां बॉटनिकल गार्डन से दिल्ली के कालका जी तक मेट्रो की इस लाइन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उद्घाटन करने पहुंचेंगे। कार्यक्रम यूपी के सीएम भी हिस्सा लेने के लिए शहर पहुंचेंगे।


yogicover_640x480


कौन-कौन यहां आने से खाता है खौफ

नोएडा शहर को लेकर यह अंधविश्वास 29 सालों से चला आ रहा है। सबसे पहले कांग्रेस सरकार में सीएम रहे वीर बहादुर सिंह यहां आए थे। वह भी गोरखपुर के रहने वाले थे। 23 जून 1998 को नोएडा आए, लेकिन अगले दिन उन्होंने किन्हीं कारणों से इस्तीफा सौंप दिया था। तब से लेकर आज तक यह अंधविश्वास बन गया कि जो यहां आएगा, वह अपनी कुर्सी खो बैठेगा। वीर बहादुर की कुर्सी जाने के किस्से के बाद एनडी तिवारी, मुलायम सिंह यादव, कल्याण सिंह, राम प्रकाश गुप्ता, राजनाथ सिंह और अखिलेश यादव सूबे के सीएम बने। मगर कुर्सी खोने के खौफ के कारण उन्होंने इस शहर से दूरी बना कर रखी।


maya-akhi

मायावती ने दिखाया था दम

योगी के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले मायावती ने यहां आने का दम दिखाया था। चौथी बार पूर्ण बहुमत की सरकार से वह जब सीएम बनी थीं तो 14 अगस्त 2011 को वह शहर आई थीं। यहां उन्होंने 700 करोड़ रुपए से बने दलित प्रेरणा पार्क का शिलान्यास किया था। मगर अगले साल राजनीतिक हालात गड़बड़ाए और उन्हें सत्ता से हाथ धोना पड़ा था।…Next


Read More:

कभी राष्‍ट्रपति का घोड़ा बनना चाहते थे प्रणब मुखर्जी! जानें क्‍यों कहा था ऐसा

दादी इंदिरा के नक्‍शे कदम पर राहुल गांधी, करने लगे हैं यह काम!

संसद हमले के 16 साल: कारगिल युद्ध के ढाई साल बाद बॉर्डर पर फिर आमने-सामने हो गए थे भारत-पाक



Tags:                                 

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran