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Indian Presidential Election 2012- कौन बनेगा राष्ट्रपति प्रणब या संगमा?

Posted On: 30 Jun, 2012 Others में

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Indian Presidential Election 2012

भारत के सर्वोच्च राजनीतिक पद की दौड़ में जहां एक बार प्रणब मुखर्जी अकेले ही नजर आ रहे थे वहीं अब इस दौड़ में एक नाम और जुड़ गया है और वह है पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा का. एक शख्स जहां देश की सर्वोच्च पार्टी कांग्रेस का उम्मीदवार है वहीं दूसरे को विपक्षी दल का समर्थन प्राप्त है.


India presidential elections 2012


राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए की ओर से प्रणब मुखर्जी ने तो वहीं राजग उम्मीदवार के तौर पर पीए संगमा ने पर्चा दाखिल किया. राष्ट्रपति चुनाव की तारीख अगले महीने की 19 को तय की गई है. प्रणब दा के पर्चा दाखिल करने के मौके पर जेडीयू और टीएमसी के नेता मौजूद नहीं थे. दूसरी तरफ पीए संगमा के पर्चा दाखिल करने के समय राजग के घटक दलों के साथ-साथ बीजू जनता दल प्रमुख नवीन पटनायक, जनता पार्टी के सुब्रह्मण्यम स्वामी भी मौजूद थे.


Pranab Mukherjee vs Sangma : शक्ति प्रदर्शन बना पर्चा भरने का कार्यक्रम

नामांकन पत्र दाखिल करने के साथ ही इस पद के दोनों दावेदारों प्रणब और पूर्व लोकसभा स्पीकर पीए संगमा का शक्ति प्रदर्शन भी हुआ. जहां एक तरफ प्रणब दादा के समर्थन में खुद देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस हाईकमान सोनिया गांधी मौजूद थीं वहीं संगमा के समर्थन में भाजपा के लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह जैसे दिग्गज खड़े नजर आए.


तृणमूल कांग्रेस ने जाहिर किए रंग

प्रणब दा की दावेदारी से नाराज दीदी की पार्टी का कोई भी चेहरा प्रणब मुखर्जी के पर्चा भरते समय यूपीए के शक्ति प्रदर्शन में शामिल नहीं था. प्रणब दा के पर्चा दाखिल करने  के मौके पर जेडीयू और टीएमसी के नेता मौजूद नहीं थे.


Pranab Mukherjee Vs P A Sangma

हालांकि इन सब के बावजूद प्रणब मुखर्जी के हिस्से में इतने समर्थक हैं कि उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं. राष्ट्रपति पद की दौड़ में भाजपा ने आडवाणी, राम जेठमलानी जैसे लोगों को छोड़ संगमा पर जो दांव खेला है वह किसी की भी समझ से परे है लेकिन कांग्रेस का प्रणब दा को तुरुप का पत्ता बनाना सबको समझ आता है. प्रणब दा कांग्रेस के संकटमोचक हैं और कांग्रेस को उनकी समझ और काबिलियत पर पूरा भरोसा है. प्रणब मुखर्जी की साफ-सुथरी छवि उन्हें इस पद का उपयुक्त उम्मीदवार बनाती है. यूं तो कांग्रेस के पास विकल्पों की कोई कमी नहीं थी लेकिन अगर किसी सूरत में पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम राष्ट्रपति चुनाव के लिए राजी हो जाते तो उनके सामने शायद ही कोई अन्य शख्स प्रणब के अलावा टिक पाता.


19 जुलाई, 2012 को राष्ट्रपति चुनाव तक शायद तस्वीर और साफ हो कि भारत के अगले राष्ट्रपति का चेहरा कैसा होगा? भारत का भावी राष्ट्रपति कौन होगा यह जानने के लिए हमसे जुड़े रहें और राष्ट्रपति पद के दावेदार पीए संगमा के बारे में विशेष जानने के लिए यहां क्लिक करें:


P.A. Sangma

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