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Narendra Modi - गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी

Posted On: 26 Aug, 2011 पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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narendra modiनरेंद्र मोदी का जीवन परिचय

गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री और भाजपा के लोकप्रिय नेता नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर, 1950 को गांव वादनगर, उत्तरी गुजरात के एक साधारण मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था. लेकिन उन्हें एक समृद्ध संस्कृति धरोहर के रूप में मिली थी. वादनगर के एक स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद, गुजरात यूनिवर्सिटी से नरेंद्र मोदी ने राजनीति विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की. नरेंद्र मोदी का कहना है कि कारगिल युद्ध के समय उन्होंने स्वयंसेवी के तौर पर आर्मी के जवानों को सहायता मुहैया करवाई थी. युवावस्था में ही वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की सदस्यता ग्रहण कर नव निर्माण नामक आंदोलन का हिस्सा बन गए थे. इस संगठन के साथ सक्रियता से काम करने के बाद उन्हें भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि के रूप में मनोनीत किया गया. वर्तमान में वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के देशभक्त दक्षिणपंथी मोर्चे के सदस्य हैं.


नरेंद्र मोदी का व्यक्तित्व

नरेंद्र मोदी के मस्तिष्क में बचपन से ही राष्ट्रभावना विद्यमान थी. भारत-पाक युद्ध हो या कोई प्राकृतिक आपदा, हर मुश्किल के समय उन्होंने स्वयंसेवी के रूप में समाज सेवा करना अपना कर्तव्य समझा. वह एक प्रगतिशील और व्यावहारिक व्यक्तित्व वाले नेता हैं.


नरेंद्र मोदी का राजनैतिक सफर

नरेंद्र मोदी स्कूल और कॉलेज के दिनों में ही आरएसएस जैसे हिंदूवादी संगठन का हिस्सा बन गए थे. आरएसएस के साथ अपने कार्यकाल के दौरान नरेंद्र मोदी ने विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनमें तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई इमरजेंसी का शोकजनक काल सबसे प्रमुख है. इस दौरान नागरिकों के मानवाधिकारों का हनन होने पर नरेंद्र मोदी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर प्रचारक के तौर पर अपने दल की नीतियों और जरूरत को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया. भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा बनने के बाद दल के भीतर मोदी की छवि एक कुशल रणनीतिकार की बन गई थी. वर्ष 1990 में जब गठबंधन की सरकार बनने के बाद भाजपा को केंद्रीय सत्ता में आने का मौका मिला तब पार्टी की लोकप्रियता बढ़ने लगी. लेकिन कुछ समय चली इस सरकार ने भाजपा और नरेंद्र मोदी को मजबूत राजनैतिक आधार प्रदान कर दिया था. दो-तिहाई बहुमत के साथ गुजरात में भाजपा ने वर्ष 1995 के चुनाव जीत लिए. तब से लेकर अब तक गुजरात में भाजपा का ही एकाधिकार है. केशुभाई पटेल के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए नरेंद्र मोदी को पार्टी को महासचिव बनाकर दिल्ली भेजा गया. वर्ष 1995 मोदी के राजनैतिक सफर के लिए बहुत महत्वपूर्ण था. महासचिव रहते हुए पहली बार किसी युवा नेता को देश के पांच बड़े राज्यों में पार्टी का प्रभारी बनाया गया था. राष्ट्रीय स्तर पर काम करते हुए नरेंद्र मोदी को उत्तर-पूर्वी और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील राज्यों में पार्टी के संचालन का कार्यभार प्रदान किया गया.. वर्ष 2001 में केशुभाई पटेल को हटाए जाने के बाद नरेंद्र मोदी को सर्वसम्मति से गुजरात के मुख्यमंत्री का पद सौंपा गया.

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नरेंद्र मोदी का योगदान

गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए नरेंद्र मोदी ने पार्टी और अपने राज्य में बहुत लोकप्रियता हासिल कर ली. उन्हें एक प्रगतिशील नेता के रूप में पहचान भी मिली.


  • जिस समय नरेंद्र मोदी को गुजरात का प्रभार सौंपा गया, उस समय गुजरात आर्थिक और सामाजिक दोनों ही क्षेत्र में बहुत पिछड़ा हुआ था. नरेंद्र मोदी के उत्कृष्ट प्रयासों द्वारा गुजरात ने उनके पहले कार्यकाल के दौरान ही सकल घरेलू उत्पाद में 10% तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.
  • गुजरात के एकीकृत विकास के लिए नरेंद्र मोदी ने कई योजनाओं को भी लागू किया, जिसमें पंचामृत योजना सबसे प्रमुख है.
  • जल संसाधनों का एक ग्रिड बनाने के लिए नरेंद्र मोदी ने सुजलाम सुफलाम नामक योजना का भी संचालन किया जो जल संरक्षण के क्षेत्र में बहुत प्रभावी सिद्ध हुई है.
  • कृषि महोत्सव, बेटी बचाओ योजना, ज्योतिग्राम योजना, कर्मयोगी अभियान, चिरंजीवी योजना जैसी विभिन्न योजनाओं को भी नरेंद्र मोदी द्वारा लागू किया.
  • जनवरी 2001 में आए भयंकर भूचाल में सबसे ज्यादा नुकसान गुजरात के भुज शहर को ही हुआ. भुज एक कमजोर नींव पर बने मकानों वाला शहर है. इस भूकंप ने पूरे शहर को तितर-बितर कर दिया. नरेंद्र मोदी ने अपने प्रयासों द्वारा आपदा प्रबंधन और पुनर्वास के लिए बहुत कार्य किए. प्रभावी प्रयासों के लिए नरेंद्र मोदी को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा उत्कृष्ट योगदान के लिए योग्यता पत्र भी प्रदान किया गया.

नरेंद्र मोदी से जुड़े विवाद

नरेंद्र मोदी के साथ गुजरात दंगों में शामिल होने का आरोप जुड़ा हुआ है. उन्हें हिंदू-मुसलमानों की आपसी भावनाओं को भड़काने और दंगों में कोई प्रभावी कदम ना उठाने जैसे कई आरोपों का सामना करना पड़ रहा है. दंगों के बाद सभी विपक्षी पार्टियों ने मोदी से इस्तीफा देने की मांग कर डाली. वर्ष 2009 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक विशेष जांच टीम का गठन कर उसे गुजरात दंगों की वजह और अभियुक्तों की पड़ताल करने का काम दिया गया. लेकिन SIT  की रिपोर्ट में नरेंद्र मोदी के विरुद्ध सबूत ना होने का हवाला दिया गया. जिसके बाद मोदी को क्लीन चिट मिल गई. हालांकि कई अखबारों ने यह मुद्दा उठाया कि अपनी पहुंच का प्रयोग कर मोदी इस आरोप से मुक्त हुए हैं. उन्होंने दंगों को रोकने के लिए कोई कठोर कदम नहीं उठाए, इतना ही नहीं उन्होंने मुसलमानों की हत्या को भी जायज ठहराया है. बीजेपी ने इसे कांग्रेस की साजिश बता आरोप को नकार दिया.

नरेंद्र मोदी को दिए गए सम्मान

  • 2006 और 2007 में हुए एक देशव्यापी सर्वे के आधार पर इंडिया टुडे पत्रिका ने दोनों बार नरेंद्र मोदी को ही सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री चुना
  • 2009 में एफडीआई पत्रिका ने सभी एशियाई देशों में से नरेंद्र मोदी को एफडीआई पर्सनैलिटी का खिताब प्रदान किया.
  • वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के दौरान अनिल अंबानी ने नरेंद्र मोदी को भारत के अगले नेता के रूप में संबोधित किया.
  • गुजरात में आए भूकंप में राहत कार्य और आपदा प्रबंधन के सफल प्रयासों के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा नरेंद्र मोदी को योग्यता पत्र प्रदान किया गया.

लाल कृष्ण आडवाणी के शागिर्द माने जाने वाले नरेंद्र मोदी एक कुशल और व्यवहारिक मुख्यमंत्री हैं. इस मुकाम पर वह अपने कठोर परिश्रम और मेहनत के बूते पर ही पहुंचे हैं. समाज की उन्नति और विकास के लिए वह हमेशा प्रयासरत रहते हैं.

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15 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sonu kumar के द्वारा
October 22, 2014

वददीव किकरकरकरे्कक

anjali malhotra के द्वारा
August 19, 2014

Ek mudat kay baad sher ki dahad INDIA mai sunai dey rahi hai jee haa, “Bharat” ki taqdeer sawarnay ki umeed dikhaiee dai rahi hai. modi ji bahut bahut badhai . aap ki karya shaili bahut umda hai. offices mai sabka time par aana, clean rakhna, etc. etc. thoday mai bahut samajhiya , neta nahi hai hum isliyay choti si baat ko hi hamari speech samajhiay. ANJALI MALHOTRA

brajesh prajapati के द्वारा
June 15, 2014

narendra modi ap ki jeet k liye mene ma sera wali par mithai batuga or mene femily k sare bot bjp ko dyye mene bsc kar li mene socha modi ji yuvao k liye govt . job lagaege or congres wale muje chidate h lag gai nokri modi ji aa gae meri ichha desh ki rakchha karna h army me lagna chahta hu modi mere bhagvan ho mp me d.ed k bina teacher nahi ban sakte or d.ed 60000 rupe me hoti h or me poor hu me kaise karu d.ed 9754862133par call me apka no. chahie good morning modi ji pm

brajesh prajapati के द्वारा
June 15, 2014

me ri govt. nokri laga do me garib hoo 9754862133

ravinder bisht के द्वारा
May 22, 2014

good leader for modi ji

vikas के द्वारा
May 4, 2014

modi is best

Mahesh Thaker के द्वारा
April 29, 2014

एक पत्र- माननीय मोदीजी को….24 अप्रैल,2014 गरमागरम चुनावी माहौल और मई महीनेकी कडी धूपकी गरमीमें जनताका दिमाग  चकरा जानेकी कगार पर है . वर्तमान सोनियाकी रिमोट सरकारसे हर भारतवासी काफी त्रस्त है . ऐसेमें समूचे राष्ट्रकी नजरें आपपर टिकी हुई हैं क्यूँकि आप ने गुजरात में अपनाई हुई कार्यशैली, सुशासन,विकास,जनकल्याणकी नई  सोच, बढिया इन्फ्रास्ट्रक्चर, बीआरटीएस, विदेशीपूँजी निवेश और टूरिझमको बढावा,   नैनोको स्थापित करना, नवरात्री जैसे जगविख्यात उत्सवोंका  जनसामान्यके लिए निःशू्ल्क आयोजन, प्रशंसनीय नारीसुरक्षाके उपाय, शहरके हर क्षेत्रमें जोगिंग पार्क, कांकरिया के आसपास एम्युजमेन्ट पार्क, साबरमतीरिवरफ्रन्ट, वाईब्रन्ट समीट और जनवरीका पतंगोत्सव एवम् कच्छ रनोत्सव   इत्यादि अपने आपमें एक मिसाल बन चूके हैं इसमें कोई दोराय नहीं हो सकती. ये सभी कार्य आपके  शिरके मुकुटमें मोरपींच्छकी तरह हमेशा चमकते रहेंगे. इन्हें देखकर,  जानकर ही तो सब देशवासीयोके मनमें , आपके रूपमें एक अच्छा  शासक और विकासपुरुष,  नजर आने लगा है. यही कारन है कि आपकी जनसभा में इतनी भारी भीड अपने आप उमड पडती है. स्थल  चाहे कोई भी हो, समय  चाहे कोई भी हो . आपके भाषणोमें, टीवी इन्टरव्यूमें बाकी सारे मुद्दोंका उल्लेख होता है, किन्तु कुछ जनहितकी बातें छूट गइ दिखती है जो मैं इस  पत्रके माध्यमसे आपके समक्ष रखना  चाहता हूँ………   1)  सियासतमें प्रवेशके लिए मीनीमम योग्यता ग्रेजुएशन कर दी जाय.   2)  सियासतसे 4 टर्मके ( 20 साल) बाद कमपल्सरी निवृत्ती दे दी जाय.   3)  MLA , MP, RETIRED MINISTER,PRESIDENT आदिके पगार,       भत्ते, मुफ्त गाडी-फोन-बंगला-अेसी-हवाइसफर-नौकरचाकर-सुरक्षातैनाती       और पैन्शन वगैरह में काफी कटौती की जाय, ताकि गरीबका पैसा बच       सके.   4)  रेल्वेके कई स्टेशनो पर ईर्द-गिर्द करोडो टन लोहा पटरियों,स्लीपर्सके        रूपमें अनयूज्ड पडा हुआ मैंने अपनी आँखोंसे देखा है. क्या इसका       रिकार्ड रेल दफ्तरमें कहीं दर्ज हैं . बिलकुल नहीं होगा ये मेरा दावा       है. ये सारा लोहा पूरे देशके स्टेशनोंसे इकठ्ठा किया जाय और इसे       भठ्ठीमें गलाकर, कइ डिब्बें व इन्जिन बनाये जा सकतें हैं . रेल्वे       पैसेन्जर किराया घटाएगी तो भी मुनाफा करेगी. जनता वाहवाही        करेगी सो अलग.    5) एक गरीब परिवारका देहाती लडका पढाईमें तेजस्वी होनेके बावजूद      आईआईएम अहमदाबाद में दाखिला कैसे पाए बेचारा, क्यूँकि वह      कोर्ष ही इतना महँगा है कि गाँवका खेत बेचकर भी वह लडका      फीस नहीं भर सकता. बैन्कवाले लोनके सामने किमती चीजको      गीरो रखनेकी माँग कर रहे हैं . आझादीके 67 सालके बाद भी      इच्छित शिक्षा पाना संभव नहीं हो पाया है. आप कुछ करें ऐसी      प्रार्थना है.   6)  भारत ही एक ऐसा देश है जहाँ जनताके आरोग्यकी सत्तामें बैठी सरकार      जरा भी दरकार नहीं करती. दवाई, लैब-टेस्ट, डोकटर, ओपरेशन, ओक्सिजन,      डायलिसीस, बोडी-चैकअप,हार्ट-ट्रीटमेन्ट, कैन्सर-ट्रीटमेन्ट, डायाबिटीक उपचार       और महिला-प्रसूति आदिमें किसी रेग्युलेटरी बोडीका कोई कन्ट्रोल या सुपरविजन      नहीं है. सभी लोग जनताको जैसी मरजी हो, लूंट रहे हैं. क्या इनके चारजिस      एवम् फीस को पूरे देशमें स्टान्डर्डडाइज नहीं िकिया जा सकता ? ये सोचनेकी      नितांत आवश्यकता है. किसी गरीबके पास इलाजके लिए पैसे न हो तो उसके      पास केवल दो ही रास्ते बचते है- या तो वो किसीके  भीख माँगे या तो वो अपने  आप्तजनको नजरके सामने बेबस मरता देखे. कल्पना किजीए      स्वतंत्रताके छह दशकके बाद गरीबकी ऐसी बदतर हालतका     जिम्मेदार किसको ठहराना चाहिए. आप कुछ करिएगा.  7)  सियासतमें मूर्ख,धूत और लफंगोको आने से रोकनेके लिय़े उनका      एन्ट्रन्स टेस्ट कम्पलसरी कर देना चाहिए जिसमें उसके सामान्य ज्ञान, भूगोलीय      जानकारी, ऐतिहासिक तवारीख और देशकी आर्थिक स्थितिका एवम्      उसकी प्रामाणिकता और सेवाभावनाका जायजा लिया जा सके.  एन्ट्रन्स टेस्टमें 60% से      कम मार्क्स लानेवाला घर वापस जाय. अगर ये व्यवस्था की जाय तो बहुत हदतक अनचाहे       तत्वोंको रोका जा सकता है.  8)  धार्मिक ग्रंथो एवम् शास्त्रोमें स्पष्ट कहा गया है कि प्रातःकालके ब्राह्म-      मूहुर्तके दो घंटे उपासनाके लिये सर्वोत्तम है. मगर मेरे निवासके ईर्द-      गिर्द स्थित कई मस्जिदोंसे एक ही वक्तमें एकसाथ 100 से ज्यादा      स्पीकरोंसे सुबह पूजाके समय इतना शोरोगुल मचता है कि  ध्यानसे  ईष्टदेवकी माला  तो छोडो,ढंगसे आरती भी नहीं गा पाता..ये कहाँ      तक सहे और क्यूँ सहे ? क्या हम उनको ईबादतमें कभी डीस्टर्ब करते      है ? जब ये शुरू किया गया तब किसी स्ट्रोन्ग अपोझ से जनहितको      आगे करके सरकार या न्यायपालिकाने रोक दिया होता, तो आज इस      इलाकेके लोगोंको जबरन् सुबह 5 बजे न उठना पडता.अब ये शोरोगुल      कैन्सरकी तरह पूरे देशकी सुबहको बिगाडता चल पडा है. आप यकीन      किजीए कभी कभी तो मुझे संदेह होता है -मैं भारतमें हूँ या पडौशी      देशमें ?   9) बंधारणकी रचना हुई तब गांधीजी जैसे महापुरुष जिंदा थे, डा.बीआर    आंबेडकरजी थे. इन दीर्घद्रष्टाओने पीछडोंको मुख्य धाराकी समकक्ष  विकसित करने हेतु आजादीके कुछ साल तक ”आरक्षण-नीति” अपनानेकी   सलाह दी, जो कि सबने मान ली. लेकिन आज 6 दशकके बाद भी   वही नीति चलाई जा रही है. आश्चर्य यह है कि किसी भी सरकारने इस  नीतिकी गंभीरतासे समीक्षा नहीं की. वजह बिल्कुल साफ है-वोटबैन्ककी   राजनीति. अब तो ये सवर्णोंके साथ सरासर अन्याय नहीं है तो ओर क्या  है ? आपकी विवेकबुद्धि पर छोडता हूँ ये मामला…कुछ करनेका वक्त पक   गया है. 10)  अब तककी सरकारोंके अर्थशास्त्री गरीबीके मानदंड और उसकी       प्रतिदिन न्यूनतम आय, महँगाइ-दरकी अपेक्षा क्या होना        चाहिए ये भी तय नहीं कर पा रहे हैं इससे बडा दुर्भाग्य इस       देश या लोकतंत्रका क्या होगा !! वास्तवमें दूर देहातमें जाकर       एक सप्ताह इन गरीबके साथ उसकी झोंपडी  में जाकर रहे       तब मानदंड और सही आय पता चले. इस मामलेको जरा       ग्रासरूट लैवलसे सोचकर नीति बनाई जाय तो वह जनसामान्यमें       हास्यास्पद नहीं होगी.  11)  एक अन्तिम मुद्दा बताकर मैं ये पत्र समाप्त करूँगा. आपको बुरा       लगा हो तो अविवेक के लिये क्षमस्व मी. मेरा ईमेल है-      mkumarthaker52@gmail.com हमारे शास्त्रोंकी और ऋषियोंकी       भाषा-संस्कृतका न के बराबर विकास रहा है..कुछ प्रोत्साहक सरकारी       नीति व योजनाओंकी  नितांत आवश्यकता है. आप कुछ करें….

rohit jha के द्वारा
April 25, 2014

Aaj desh bahut gart me ja chuka hai.hamne jab se hambhali hai tab se lekar aak tak yahi dekhta aa raha hu ki desh or hi piche ja raha hai.aise me aaj hame sampuran bharat me koi aisa aadmi ni dekha jo ki is desh me apna kritimaan pataka lahra sake or is bharat ko fir se waisa bana de jaisa ki is desh ka sabhi kalpna karte hai.lekin dekhte dekhte bhagwan ne ek aise aadmi ko vej diya jo pura bharat basi ka sapna sakaar kr sake.jaise ram ji ko hanumaan ji ka sahara mila tha waise hi aaj hamare bharat mata ko modi ji ka sahara mil sakta bus ham sabko thodi mehnat krni padegi.to aaj hamne thaan liya hai ham ni hamare sabhi sathi ne sankalp kiya hai ki modi ji jab tak p.m ni bante tab tak ham sab ko koi apne se juda kam ni krna hai or to or agar modi ji ke liye jaan dene ki jaruarat pade to usse v ham log piche ni hat sakte.ab yaha pe kitna like ki hm sbke dil me sirf or sirf modi ji hi hai.tabhi to 2 mahine se apna sara kam chor kar padhaai likhaai or khana pina sabhi ko bhul kar sosal midiya se lekar apne chetra me ek ek aadmi se mil kar hath jor kar modi ji ka bhot mangte fir rahe hai.ab modi ji hamse milenge ya hame kuch de denge isse hame koi matlab ni jaise aaj ji rahe hai waise kal v ji lenge.lekin aaj bharat mata ki pukaar hai modi.har har modi ghar ghar modi.aap v modi ji ko vot de khud ke bare me aap ni sochte to aane wale pidhi ke bare me or apne desh ke bare me soche.or modi ji ke bare me jaane ke liye unke lahar ke bare me janne ke liye hamse facebook pe sampark kre….mera id hai.dilraj.rohit@gmail.com aap fb pe hamse jude or modi ji ke bare me sabhi ko batay or bjp ke liye bhot mange.jay hind

yuva club beeranwas के द्वारा
April 14, 2014

ashok kumar hum ye chate hai ki hamare pm ho only narendr modi ji

kamal singh shekhawat के द्वारा
April 2, 2014

kamal singh shekhawat aaj ye chahta hu ki desh ka PM koi bhi bano par vo desh ke liye kuch kar aur vo abhi legta h madi ji kar sakte h to plz vote modi

R RAGHAVENDRA के द्वारा
November 17, 2013

Respected Sir if you become Prime Minister you dont forget to build Sri Ram Temple at Ayodhya because Vajpayee led NDA Government failed to build Sri Ram Temple in 6 years so you should build boldly if you become Prime Minister as you did in Godhra and my Second suggestion is to reduce Fuel Prices and Inflation rates in large margin if you become Prime Minister. Sender R Raghavendra from Bangalore.

    khurram Husen Khan के द्वारा
    May 12, 2014

    This is to Mr. Raghavendra Ji I dont know i feel you are not literate person because “Supreme Court” give their decision on Ram mandir. And my second point is that Godhra Tragedy is not give a harm of singal community. when we talk about Mr. Modi is like a “Chameleon” jo apna rang zaroor dekhainge.

    TEJVEER SINGH(u.p) के द्वारा
    February 27, 2016

    modi jee( b.sc chemistry)mene sanitary inspector ka diploma kar lya h plz ab kya karu


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