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राजनीतिक नेताओं के व्यक्तित्व-कृतीत्व सहित उनकी उपलब्धियों को दर्शाता ब्लॉग

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Prime Minister Dr.Manmohan Singh- भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह

पोस्टेड ओन: 29 Jul, 2011 पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

manmohan singhजीवन-परिचय

भारत के सत्रहवें और वर्तमान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर, 1932 को पाकिस्तान के ‘गाह’ नामक एक छोटे से गांव में हुआ था. देश के विभाजन के बाद मनमोहन सिंह का परिवार भारत आ गया था. प्रारंभ से ही उनका पढ़ाई की ओर विशेष रुझान था. वह शिक्षा के महत्व को अच्छी तरह समझते थे. मनमोहन सिंह ने पंजाब विश्वविद्यालय से अव्वल श्रेणी में बी.ए (आनर्स) की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद सन 1954 में यहीं से एम.ए (इकोनॉमिक्स) में भी उन्होंने पहला स्थान प्राप्त किया. पी.एच.डी की डिग्री प्राप्त करने के लिए वह कैंब्रिज विश्वविद्यालय गए जहां उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राइट्स पुरस्कार से सम्मानित किया गया. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के नेफिल्ड कॉलेज से मनमोहन सिंह ने डी. फिल की परीक्षा उत्तीर्ण की. मनमोहन सिंह पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में व्याख्याता के पद पर नियुक्त होने के बाद जल्द ही प्रोफेसर के पद पर पहुंच गए. मनमोहन सिंह ने दो वर्ष तक दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में भी अध्यापन कार्य किया. इस समय तक वह एक कुशल अर्थशास्त्री के रूप में अपनी पहचान बना चुके थे. मनमोहन सिंह अपने व्याख्यानों के लिए कई बार विदेश भी बुलाए गए. इन्दिरा गांधी के काल में वह रिजर्व बैंक के गवर्नर भी बनाए गए.


मनमोहन सिंह का व्यक्तित्व

मनमोहन सिंह एक कुशल राजनेता के साथ एक अच्छे अर्थशास्त्री और विचारक भी हैं. अपनी सादगी और अंतर्मुखी स्वभाव के लिए जाने जाने वाले मनमोहन सिंह बेहद चतुर और बुद्धिमान व्यक्तित्व वाले प्रधानमंत्री हैं. शिक्षा के प्रति रुझान ने उन्हें प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा दिया लेकिन आज भी वह खुद को एक आम इंसान ही मानते हैं.


मनमोहन सिंह का राजनैतिक सफर

राजीव गांधी के कार्यकाल में मनमोहन सिंह को योजना आयोग का उपाध्यक्ष निर्वाचित किया गया. इस पद पर वह निरंतर पांच वर्षों तक कार्य करते रहे. अपनी प्रतिभा और अर्थ संबंधी मसलों की अच्छी जानकारी के कारण वह 1999 में प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार भी नियुक्त किए गए. अपनी प्रतिभा के बल पर वह पी.वी नरसिंह राव मंत्रिमंडल में वित्त मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभारी बने. मनमोहन सिंह सन 1991 में असम सीट से राज्यसभा के लिए चुन लिए गए. शासकीय अनुभव के बल पर वह अप्रैल 2004 को 72 वर्ष की आयु में वह प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए. पुनः दूसरी बार उन्हें वर्ष 2009 में प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिला.


मनमोहन सिंह की उपलब्धियां

  • प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारतीय कृषि और कृषकों की दशा सुधारने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए. फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाया ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके.
  • राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून की शुरुआत की. जिसके अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण बेरोजगार को 100 दिन का रोजगार प्रदान करने की योजना बनाई गई.
  • 02 मार्च, 2006 को भारत ने परमाणु शक्ति के संबंध में तात्कालिक अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए जो समाजवादी पार्टी की मदद से संसद में पारित हुआ.
  • मनमोहन सिंह के कार्यकाल में देश का चहुंमुखी विकास हुआ है. हवाई अड्डों की हालत सुधारने के लिए उन्हें निजी हाथों में सौपने की व्यवस्था की गई.
  • विदेश नीति में सुधार लाने के लिए विदेशों के साथ मधुर संबंध स्थापित किए गए.
  • मनमोहन सिंह के कार्यकाल में विदेशी पर्यटन के क्षेत्र में भी काफी सुधार हुआ जिसके परिणामस्वरूप अधिकाधिक विदेशी पर्यटक भारत की ओर आकृष्ट हो रहे हैं.
  • सामाजिक से संबंधित कल्याणकारी कार्यों की दिशा में मनमोहन सरकार ने प्रगतिशील क़दम उठाए हैं.
  • दलित और अनुसूचित जनजातियों के लोगों को पढ़ाई की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से विभिन्न छात्रवृत्तियां प्रदान की जाने लगीं.

मनमोहन सिंह को प्राप्त विभिन्न पुरस्कार और सम्मान

  • 1987 में मनमोहन सिंह को पद्मविभूषण प्रदान किया गया
  • 1995 में इंडियन साइंस कांग्रेस का जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार
  • 1993 और 1994 का एशिया मनी अवार्ड फॉर फाइनेन्स मिनिस्टर ऑफ् द ईयर
  • 1994 का यूरो मनी अवार्ड फॉर द फाइनेंस मिनिस्टर ऑफ द ईयर
  • 1956 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय का ऐडम स्मिथ पुरस्कार.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने इस महत्वपूर्ण पद का निर्वाह ईमानदारी और निष्ठा भावना से किया है. भारत को उन्नति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए मनमोहन सिंह ने कई मजबूत कदम उठाए जिनका देश की जनता को तो लाभ हुआ ही साथ ही विश्व पटल पर भी भारत एक मजबूत राष्ट्र बनकर उभरा है. मनमोहन सिंह का दोबारा प्रधानमंत्री के पद पर निर्वाचित होना यह स्वत: प्रमाणित कर देता है कि मनमोहन सिंह एक लोकप्रिय नेता होने के साथ एक सफल प्रधानमंत्री भी हैं.





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6 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

fazal abbas के द्वारा
February 21, 2014

1956 से लेकर 1987 तक आपकौ िजितनॆ भि पुरुसक।र मिले हमे ज।न कर अचछ। लग। घनय़व।द 

suraj gupta के द्वारा
December 14, 2013

mr.manmohan singh

R RAGHAVENDRA के द्वारा
November 18, 2013

If NDA comes to power in 2014 also we have to face more Fuel hike because Congress and BJP are same so Mulayam Singh Yadav led Third Front Government is the best option to the Common people all know that by comparing Manmohan Singh Deve Gowda was a Good Prime Minister in 90s.

R RAGHAVENDRA के द्वारा
November 17, 2013

Those who vote for Congress in 2014 Lok Sabha Polls they have to face more Fuel hike and Inflation hike in coming days so please Vote carefully in 2014 Lok Sabha Polls.

Faizan के द्वारा
August 14, 2013

Yes, This is his last term he is already over 75 years old. If by chance Congress wins in 2014 General Elections he will not be the Prime Minister of India after 2014 General Elections. As we all know that in 2004 luckily, he was been made the PM of Country. But after last 5 years the UPA has governed the India in a very Pathetic way. Follow my blog on Politics and 2014 Elections http://faizanjj.wordpress.com/2013/07/04/indias-2014-general-election/

gullu asnani के द्वारा
August 3, 2011

कुशल राजनेता ? अच्छे अर्थशास्त्री और विचारक ? वाह क्या बात कह गए आप? अगर विचारक हैं तो लोगों को आज तक पता नहीं लग पाया. मन्नूजी दांत के डाक्टर के पास गए. चेकिंग करने के लिए मुंह ही नहीं खोलते थे… तंग आकर डाक्टर बोले, डाक्टर साहब, यहाँ तो मुंह खोलिए, वर्ना कैसे चेक करूँगा ?




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